Tue Oct 27 09:12:00 IST 2026
नागपुर : श्री आग्याराम देवी मंदिर सिर्फ एक पूजा स्थल नही, बल्की एक ऐसा स्थान है जहाँ इतिहास, संस्कृती और आस्था एक साथ जीवित है। यह मंदिर अपनी अद्वितीय विशेषताओं और गहरी धार्मीक परंपराओं के साथ भक्तों के लिए एक महत्तवपूर्ण केंद्र बना हुआ है।
नागपुर का अति प्राचीन एवं भोंसले कालीन और नगरदेवी के नाम से विख्यात चमत्कारी श्री आग्याराम देवी मंदीर ट्रस्ट की ओर से श्री आग्याराम देवी मंदिर में परंपरागत आश्विन नवरात्र की शुरुवात रविवार दि. ११ अक्तुबर २०२६ से २० अक्तुबर २०२६ तक हो रही है। इसके उपलक्ष्य में नवरात्रोत्सव की तैय्यारीयां शुरु हो गई है। तथा सभी व्यवस्थाओ को ध्यान रख और भक्तो की परेशानिओ को समझकर इस बार योग्य व्यवस्था का काम किया जा रहा है। इस अंतर्गत दर्शनार्थीयो के लिए दर्शन लेने हेतु विशेष व्यवस्था कि गई है। प्रसाद वितरण, देवी को पुजा अर्पण करने के लिए साथ ही आरती के समय होनेवाली भीड को भी ध्यान में रखते हुये इस बार श्री आग्याराम देवी मंदीर ट्रस्ट कमिटी की ओर से विशेष व्यवस्थाओ का गठन किया गया है।
जिसमें दर्शन व्यवस्था, अखंड मनोकामना ज्योत, पुजा व प्रसाद वितरण व्यवस्था, पादत्राणे व्यवस्था, सुरक्षा व्यवस्था, स्वागत व्यवस्था इत्यादी समितीओं का गठन किया गया है। अखंड मनोकामना ज्योत प्रज्वलन सोमवार दि. रविवार दि. ११ अक्तुबर २०२६ से २० अक्तुबर २०२६ तक दोपहर ३.३० से ५ बजे तक रहेगा। नवमी हवन पुजन सोमवार दि. 19 अक्तुबर को सुबह 9.30 बजे से ११.३० बजे तक होगा। कन्याभोज सोमवार दि. 19 अक्तुबर को १२.३० बजे से होगा। घटविसर्जन 19 अक्तुबर को दोपहर ३.३० से ५ बजे तक मंदिर प्रागंण में होगा। महाप्रसाद का आयोजन २३ अक्तुबर २०२६ को सायं ७ बजे से रात्री १० बजे तक संपन्न होगा । इस नवरात्री महोत्सव के उपलक्ष्य में प्रतिदीन सुबह १० बजे एवं रात्री ८ बजे देवी की आरती होगी। नवरात्री के उपलक्ष में विविध क्षेत्र के मान्यवरों को आमंत्रित किया गया है। दररोज विविध धार्मीक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया है। इन सभी कार्यक्रमों में और देवी के दर्शन हेतु ज्यादा से ज्यादा भक्तोंने लाभ लेने का आवाहन अध्यक्ष गिरीजाशंकर अग्रवाल,, आ. गिरिष व्यास उपाध्यक्ष, सचिव महेशकुमार हरगोविंदजी गोयल, कोषाध्यक्ष सुरेश तिवारी, सदस्य विनोद आष्टीकर, हरीओम बद्रीप्रसादजी अग्रवाल, रामचंद्र पिल्लारे, विकास पेटकर एवं आयोजन समितीने किया है।